Thursday, December 27, 2018

दास्तां- ए- अलीगढ

जीवन में अच्छे और बुरे दिन अक्सर आते रहते है |  इंटरमीडिएट की परीक्षा का समापनका समय था में और मेरे कुछ मित्र हम पांचो ने मिलकर निर्णय लिया की बोर्ड की अंतिम परीक्षा के अगले दिन ही हम सब इंजीनियरिंग की प्रवेश परीक्षा की कोचिंग हेतु 
बाहर जाए क्योंकि हमारे एरिया में ये सुविधा उपलब्ध नहीं थी फिर हमने अलीगढ जाने का निश्चय किया कुछ अन्य लोगो से भी विचार विमर्श किया उन्होंने अलीगढ को उचित बताया | 17 अप्रैल अंग्रेजी दितीय की परीक्षा देने पहुंचे परीक्षा काफी अच्छी हुई 
फिर आने वाले कल के बारे में सोचना शूरू कर दिया अगली सुबह हम सब सुबह 9 बजे वाली बस से अलीगढ के लिए रवाना हुए 2 घंटे का सफ़र तय करने के पश्चात हमे अपनी मंजिल दिखाई दी |वहां पहुँचते ही हमारे मित्र अश्वनी ने अपने पिताजी के मित्र अशरफ अली जी 
के यहाँ ठराया कुछ समय पश्चात उन्होंने हमे रिक्शा के माध्यम से सुलतान जहाँ जो की अलीगढ का प्रसिद्ध कोचिंग संस्थान के रूप में जाना जाता है हमे वहा पहुंचवा दिया| अशरफ अली जी का व्यवहार काफी अच्छा लगा | समशाद रोड पर स्थित प्रसिद्ध कोचिंग संस्थान को 
देखकर हमारे मन में थोड़ी उम्मीद की किरण जागी | कुछ समय पश्चात कार्यालय खुला हम शीघ्र ही कार्यालय में बात करने पहुंचे उन्होंने हमे अपना पैकेज  समझाया की  B.TECH और UPTU और B.SC की कोचिंग करते है हमने कहा हमे UPTU और B.TECH
के लिए ज्वाइन करना है उन्होंने कहा की ठीक है 4700 रुपए फीस है हमने हाँ की और रजिस्ट्रेशन फॉर्म ले लिए उन्होंने कहा की अगले दिन सुबह आना है  हमने कहा ठीक है हम वापस अपने घर की और निकल दिए रास्ते में साईं नाथ भोजनालय में भोजन किया और अपने घर 
आ गये | अगली सुबह फिरसे हम निकल पड़े अलीगढ की और शनिवार का दिन था शायद आज हम पांचो के ग्रहों ने मानो अपनी राह बदल ली हो | अलीगढ पहुंचकर हमने रिक्शा लिया और कोचिंग की तरफ निकल पड़े हाईवे पर कुछ दूर चलने पर रिक्शे के टायर में जोर से धमाका हुआ 
और हम सभी दुर्घटनाग्रस्त होने से बाल बाल बचे | कहते है न की जब किस्मत खराब हो तो कितना भी क्यों न अच्छा करलो होना कुछ और ही होता है | थोड़ी दूर पैदल चलकर हम कोचिंग सेण्टर पहुंचे और कार्यालय खुलने पर बात की उनकी बात सुनकर हम आश्चर्यचकित हो गये 
कोचिंग वाले ने कहा की यहाँ तो केवल b.sc की कोचिंग करायी जाती है ना की  b.tech या uptu प्रवेश परीक्षा की फिर उससे हमारा थोडा झगडा हुआ उसने कहा हमारे सर आते होंगे अभी कुछ समय में आप उनसे बात कीजिएगा  यह सुनकर थोड़ी उम्मीद जागी 
और हम सर का इन्तजार करने लगे थोड़े समय बाद सर वहा पहुंचे हमने सारी बात उनके सामने प्रस्तुत की उन्होंने बिना किसी निर्णय के हमारा फॉर्म फैक दिया और हमसे दुर्व्यवहार करने लगे यह सब देख  हम सब वहां से चल दिए शायद हमारा भाग्य हमारे हित में न था ,
📸pratap with naman in aligarh @2016

हमने और भी जगह बात की कही भी बात न बनी फिर हमने सोचा की वापस जाना ही उचित होगा | किसी ने सही ही कहा है की  "किस्मत बड़ी कुत्ती चीज होती है" जब दिन और किस्मत दोनों ही खराब हो तो भाग्य भी साथ छोड़  देता है | हमने रिक्शा किया पुनः एक तेज़ रफ़्तार 
मोटरबाइक हमारी और आई और रिक्शे से भिड गयी बाइक का पिछला हिस्सा चकनाचूर हो गया परन्तु हम लोग अब भी बाल बाल बच गये मानो मौत हमारा पीछा कर रही हो पर वो कहते है न की  "जाको राखे साइया मार सके न कोई " एक तरफ बुरी शक्तियों ने हमे निगलने का 
निरंतर प्रयास कर रही थी वही  दूसरी और हमारे  भगवान ने  हमारी रक्षा की  क्योंकि जीत हमेशा अच्छाई की ही होती है फिर क्या हमने निश्चय किया की अपने शहर में ही रहकर खुद से पढाई करेंगे और ऐसा सोचकर हम वापस अपने घर आ गए | कहते है न की हर दिन दिवाली नही होती 
आज हमारा नसीब खराब हुआ तो क्या हुआ क्या पता आने वाला कल हमारे लिए सफलता ली कुंजी साबित हो | उस दिन हमारे लिए अलीगढ बदनसीब साबित हुआ  वो हमारे लिए उचित स्थान न था | हमने अपनी बात उनको समझाई पर हमारी आवाज दबा दी गयी  हम बिना कुछ कहे 
वापस आगए वो कहते है न की दुनिया में दो तरह के लोग होते है अच्छे भी  और बुरे भी हम देर शाम अपने शहर लौट आये |📸